Quote of the Day: कौवे और मुर्गे से सीखें ये अच्छी आदतें, कोई रोक नहीं पाएगा आपकी तरक्की, जीवन में जरूर होंगे सफल
चाणक्य नीति के इस सुविचार में जानिए कौवे और मुर्गे से सीखी जाने वाली 9 अच्छी आदतें। इन आदतों को अपनाकर आप अपनी तरक्की का रास्ता खुद बना सकते हैं। मेहनत, सतर्कता, समय प्रबंधन और स्वयं पर विजय पाने के चाणक्य के अनमोल मंत्र इस लेख में पढ़ें।

Quote of the Day 4 May 2026: आज 4 मई 2026 का यह सुविचार हमें चाणक्य नीति की उन गहरी बातों की याद दिलाता है जो रोजमर्रा की जिंदगी में सफलता का राज खोलती हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि प्रकृति के जीवों से भी हमें सीख लेनी चाहिए। मुर्गा और कौवा, ये दो आम जीव हमें 9 ऐसी आदतें सिखाते हैं, जिन्हें अपनाने वाला व्यक्ति जीवन में कभी पीछे नहीं रहता है।
चाणक्य नीति के 6वें अध्याय के 18वें और 19वें श्लोक में इस बात का उल्लेख है:
'प्रत्युत्थानं च युद्धं च संविभागं च बन्धुषु ।
स्वयमाक्रम्य भुक्तं च शिक्षेच्चत्वारि कुक्कुटात् ॥'
'गूढमैथुनचारित्वं काले काले च सङ्ग्रहम् ।
अप्रमत्तमविश्वासं पञ्च शिक्षेच्च वायसात् ॥'
मुर्गे से सीखने वाली 4 आदतें
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मुर्गे से चार बातें सीखनी चाहिए।
पहली - सूर्योदय से पहले उठना। जो व्यक्ति सुबह जल्दी उठता है, उसके पास समय और ऊर्जा दोनों ज्यादा होती है।
दूसरी - युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहना। मुर्गा खतरे को भांप लेता है और तैयार रहता है।
तीसरी - परिवार और अपने लोगों के साथ बांटना।
चौथी - मेहनत से खुद कमाना। मुर्गा दूसरों पर निर्भर नहीं रहता, खुद अनाज ढूंढकर खाता है।
कौवे से सीखने वाली 5 आदतें
कौवे से 5 महत्वपूर्ण बातें सीखनी चाहिए।
पहली - अपनी निजी बातें छुपाकर रखना।
दूसरी - समय-समय पर संसाधन जमा करना। कौवा जरूरत के समय अनाज इकट्ठा करके रखता है।
तीसरी - हमेशा सतर्क और चौकन्ना रहना।
चौथी - बिना सोचे किसी पर भरोसा न करना।
पांचवीं - मौके का सही फायदा उठाना
ये आदतें व्यक्ति को चालाक, सावधान और सुरक्षित रखती हैं।
इन आदतों से कैसे मिलती है सफलता?
जब कोई व्यक्ति मुर्गे और कौवे की इन 9 आदतों को अपने जीवन में अपनाता है, तो उसकी तरक्की में कोई बाधा नहीं आती। वह समय पर उठता है, मेहनत करता है, सतर्क रहता है और जरूरत पड़ने पर लड़ने के लिए तैयार रहता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, ऐसे व्यक्ति को नौकरी, बिजनेस या जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता मिलती है। वह दूसरों पर निर्भर नहीं रहता और अपनी किस्मत खुद बनाता है।
आधुनिक जीवन में चाणक्य की प्रासंगिकता
आज के समय में ज्यादातर लोग देर से उठते हैं, दूसरों पर निर्भर रहते हैं और आसानी से दूसरों का विश्वास कर लेते हैं। चाणक्य हमें सिखाते हैं कि प्रकृति के इन दो जीवों से सीखकर हम अपनी तरक्की को कोई नहीं रोक सकता। सुबह जल्दी उठकर प्लानिंग करना, सतर्क रहना और मेहनत से आगे बढ़ना – ये छोटी-छोटी आदतें बड़े परिणाम देती हैं।
चाणक्य नीति का यह सुविचार हमें याद दिलाता है कि सफलता किसी जादू से नहीं, बल्कि सही आदतों से आती है। मुर्गे और कौवे जैसी इन साधारण लगने वाली आदतों को अपनाकर आप जीवन में नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।




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