Aaj Ka Panchang 14 June 2026: आज कब से लगेगी अमावस्या, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त से लेकर सबकुछ
Aaj Ka Panchang 14 June 2026: किसी भी शुभ काम से पहले लोग पंचांग देखते हैं। पंचांग से दिन की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय की जानकारी मिलती है। अगर आप आज कोई महत्वपूर्ण काम करने की सोच रहे हैं, तो पहले जान लें 14 जून 2026 का पंचांग और दिनभर के शुभ मुहूर्त।

14 जून, रविवार, शक संवत् : 24 ज्येष्ठ (सौर) 1948, पंजाब पंचांग : 31 ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 2083, इस्लाम : 27 जिल्हिजा, 1447, विक्रमी संवत् : द्वितीय (अधिक) ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी तिथि दोपहर 12.20 मिनट तक। उसके बाद अमावस्या। मृगशीर्ष नक्षत्र, धृति योग दोपहर 01.15 मिनट तक पश्चात शूल योग, शकुनि करण। चंद्रमा वृष राशि में (दिन-रात)। सूर्य उत्तरायण। सूर्य उत्तर गोल। ग्रीष्म ऋतु। सायं 04.30 मिनट से सायं 06 बजे तक राहुकालम्। पितृकार्येषु अमावस (आज तैल स्पर्श का निषेध है)।
सूर्योदय 05:47 ए एम
सूर्यास्त 09:55 पी एम
चन्द्रोदय 05:31 ए एम, जून 15
चन्द्रास्त 09:51 पी एम
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 04:44 ए एम से 05:15 ए एम
प्रातः सन्ध्या 04:59 ए एम से 05:47 ए एम
अभिजित मुहूर्त 01:19 पी एम से 02:23 पी एम
विजय मुहूर्त 04:32 पी एम से 05:37 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 09:53 पी एम से 10:09 पी एम
सायाह्न सन्ध्या 09:55 पी एम से 10:43 पी एम
अमृत काल 03:56 पी एम से 05:20 पी एम
निशिता मुहूर्त 01:35 ए एम, जून 15 से 02:07 ए एम, जून 15
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल 07:54 पी एम से 09:55 पी एम
यमगण्ड 01:51 पी एम से 03:52 पी एम
आडल योग 05:47 ए एम से 06:43 पी एम
दुर्मुहूर्त 07:46 पी एम से 08:51 पी एम
गुलिक काल 05:53 पी एम से 07:54 पी एम
वर्ज्य 11:44 ए एम से 01:08 पी एम
11:36 पी एम से 01:00 ए एम, जून 15
बाण मृत्यु - 08:23 ए एम तक
अग्नि - 08:23 ए एम से पूर्ण रात्रि तक
15 जून को सोमवती अमावस्या, सुबह 8:24 बजे तक रहेगा शुभ समय
ज्येष्ठ अधिक मास की सोमवती अमावस्या इस बार 15 जून, सोमवार को पड़ रही है। धर्म-कर्म के कामों के लिए इस दिन को काफी शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और स्नान-दान करते हैं।
पंचांग के मुताबिक, अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 12:20 बजे शुरू होगी। तिथि का समापन 15 जून को सुबह 8:24 बजे होगा। सोमवार को अमावस्या होने की वजह से इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन सुबह स्नान करने, पूजा-पाठ करने और दान देने से पुण्य मिलता है। कई लोग पितरों के लिए तर्पण भी करते हैं। ऐसे में जो लोग सोमवती अमावस्या का व्रत या पूजा करना चाहते हैं, वे 15 जून को सुबह 8:24 बजे तक ये काम कर सकते हैं।




साइन इन