3 auspicious muhurat to recite hanuman chalisa to achieve success in life and remove all obstacles Hanuman Ji Puja Niyam: इन शक्तिशाली मुहूर्त में करें हनुमान चालीसा का पाठ, मिलेगी सफलता और दूरी होगी हर बाधा, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Hanuman Ji Puja Niyam: इन शक्तिशाली मुहूर्त में करें हनुमान चालीसा का पाठ, मिलेगी सफलता और दूरी होगी हर बाधा

ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, हनुमान चालीसा का पाठ कुछ विशेष मुहूर्त में करने से इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। ब्रह्म मुहूर्त, शनिवार की रात और रविवार सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद ये तीन मुहूर्त हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे शक्तिशाली माने जाते हैं।

Tue, 13 Jan 2026 10:34 AMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Hanuman Ji Puja Niyam: इन शक्तिशाली मुहूर्त में करें हनुमान चालीसा का पाठ, मिलेगी सफलता और दूरी होगी हर बाधा

हनुमान जी को संकटमोचन, बल और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन की हर बाधा दूर होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और सफलता के द्वार खुलते हैं। लेकिन ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, चालीसा का पाठ कुछ विशेष मुहूर्त में करने से इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। ब्रह्म मुहूर्त, शनिवार की रात और रविवार सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद ये तीन मुहूर्त हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे शक्तिशाली माने जाते हैं। इन मुहूर्त में पाठ करने से मन शांत रहता है, शनि-राहु के दोष कम होते हैं और हर कार्य में विजय मिलती है। आइए विस्तार से जानते हैं इन मुहूर्त का महत्व और पाठ की विधि।

ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा

ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे के बीच) वह समय है, जब मन और आत्मा सबसे अधिक ग्रहणशील होते हैं। इस समय प्रकृति शांत होती है और सकारात्मक ऊर्जा चरम पर रहती है। हनुमान चालीसा का पाठ ब्रह्म मुहूर्त में करने से मन की अस्थिरता दूर होती है, एकाग्रता बढ़ती है और दिनभर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। विधि: स्नान करके पूर्व दिशा में मुख करके बैठें। घी का दीपक जलाएं, सिंदूर चढ़ाएं और 7 या 11 बार चालीसा पढ़ें। इससे शनि-राहु के दोष शांत होते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती हैं।

शनिवार की रात सोने से पहले पाठ

शनिवार शनिदेव का दिन है, लेकिन हनुमान जी शनिदेव से भी बड़े हैं। शनिवार की रात सोने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और अन्य दोषों का प्रभाव बहुत कम हो जाता है। रात में पाठ करने से नींद अच्छी आती है और सपने में भी हनुमान जी की कृपा दिखाई देती है। विधि: बिस्तर पर बैठकर या पूजा स्थल पर 7 बार चालीसा पढ़ें। 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का 21 बार जाप करें। इससे शनि की क्रूर दृष्टि शांत होती है और जीवन में स्थिरता आती है।

रविवार सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद पाठ

रविवार सूर्य देव का दिन है। सूर्य अर्घ्य देने के तुरंत बाद हनुमान चालीसा का पाठ करने से सूर्य और हनुमान दोनों की कृपा एक साथ मिलती है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है और करियर-व्यापार में सफलता मिलती है। विधि: सूर्य को जल अर्घ्य दें, फिर पूर्व दिशा में मुख करके चालीसा पढ़ें। 11 या 21 बार पाठ करने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है और हर कार्य में विजय प्राप्त होती है। यह मुहूर्त विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ है, जो करियर या परीक्षा में सफलता चाहते हैं।

हनुमान चालीसा पाठ के सामान्य नियम और लाभ

हनुमान चालीसा का पाठ किसी भी मुहूर्त में किया जा सकता है, लेकिन उपरोक्त तीन समय में फल कई गुना बढ़ जाता है। नियम:

  • हमेशा स्नान करके, साफ वस्त्र पहनकर पाठ करें।
  • सिंदूर, पुष्प और लड्डू का भोग लगाएं।
  • पाठ के दौरान मन में किसी भी नकारात्मक विचार ना आने दें।
  • रोज कम से कम 7 बार या 11 बार पाठ करें।

लाभ: बाधाएं दूर होती हैं, शत्रु शांत होते हैं, स्वास्थ्य अच्छा रहता है और मन में साहस बढ़ता है। नियमित पाठ से केतु, राहु और शनि के दोष भी कम होते हैं।

नियमितता और श्रद्धा सबसे जरूरी

हनुमान चालीसा का पाठ करते समय मुहूर्त से ज्यादा महत्वपूर्ण है नियमितता और श्रद्धा। अगर आप इन तीन मुहूर्त में पाठ नहीं कर पाते, तो भी रोज सुबह या शाम चालीसा जरूर पढ़ें। श्रद्धा से किया गया पाठ कभी व्यर्थ नहीं जाता है। हनुमान जी संकटमोचन हैं - उनकी कृपा से हर मुश्किल आसान हो जाती है।

हनुमान चालीसा का पाठ ब्रह्म मुहूर्त, शनिवार रात और रविवार सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद करने से जीवन में सफलता और शांति दोनों मिलती हैं। नियमित करें, तो हर बाधा दूर होगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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