12 jyotirlinga name in india jyotirlinga aur shivling me antar शिवलिंग से कितना अलग है ज्योतिर्लिंग? जानें अंतर और दर्शन के 5 फायदे, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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शिवलिंग से कितना अलग है ज्योतिर्लिंग? जानें अंतर और दर्शन के 5 फायदे

Jyotirlinga and Shivling: ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग का अंतर कई लोग नहीं समझ पाते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है। बता दें कि ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग दोनों का अपना अलग-अलग महत्व है। दोनों के बीच के अंतर को आसान भाषा में समझते हैं। 

Fri, 4 July 2025 04:06 PMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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शिवलिंग से कितना अलग है ज्योतिर्लिंग? जानें अंतर और दर्शन के 5 फायदे

Jyotirlinga and Shivling: एक समय था जब लोग सिर्फ चार धाम यात्रा करके ही सारे पुण्य कमा लिया करते थे। आज भी चार धाम यात्रा होती है लेकिन अब आपने आसपास के कई लोगों को कहते सुना होगा कि मुझे सारे 12 ज्योतिर्लिंग कवर करने हैं। बता दें कि सनातन धर्म में 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन के कई महत्व बताए गए हैं। हर एक ज्योतिर्लिंग की अपनी कहानी और विशेषता है। वहीं हिंदू धर्म में शिवलिंग की पूजा के भी कई महत्व बताए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति रोजाना शिवलिंग का जलाभिषेक करता है तो उस पर भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहेगी। कई लोग ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग में अंतर नहीं समझ पाते हैं तो आज जानेंगे कि हमारे देश में किन-किन जगहों पर ज्योतिर्लिंग है? साथ ही शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग का अंतर भी समझेंगे।

ज्योतिर्लिंग का मतलब

शिव महापुराण में बताया गया है कि भगवान शिव जिन-जिन जगहों पर ज्योति के रूप में खुद ही प्रकट हुए उसे ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। हमारे देश के अलग-अलग जगहों पर ये ज्योतिर्लिंग मौजूद हैं। आसान भाषा में समझा जाए तो ज्योतिर्लिंग उन्हीं 12 जगहों पर जहां खुद भगवान शिव प्रकट हुए थे।

ज्योतिर्लिंग दर्शन के 5 फायदे

माना जाता है कि जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में इन 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर लिए, उस पर महादेव मेहरबान हो जाते हैं। साथ ही ऐसे व्यक्ति के सारे पाप भी मिट जाते हैं। उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। जीवित रहते हुए ऐसे व्यक्ति को हर तरह का सुख मिलता है और उसे धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती है।

देश में इन जगहों पर हैं ज्योतिर्लिंग

1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग- गुजरात

2. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग- गुजरात

3. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग- आंध्र प्रदेश

4. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग- मध्य प्रदेश

5. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग- मध्य प्रदेश

6. बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग- झारखंड

7. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग- तमिलनाडु

8. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग- उत्तर प्रदेश

9. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग- उत्तराखंड

10. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग- महाराष्ट्र

11. घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग- महाराष्ट्र

12. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग- महाराष्ट्र

शिवलिंग का मतलब

बता दें कि शिवलिंग भगवान शिव का ही प्रतीक है। इसे भगवान शिव का प्रतीकात्मक रूप कहा जाता है। शिवलिंग शिवजी का निराकार (जिसका कोई आकार/रूप ना हो) स्वरूप का प्रतीक है। शिवलिंग को मनुष्यों ने ही स्थापित किया है। मंदिर के साथ-साथ घरों में भी शिवलिंग की स्थापना की जा सकती है। बता दें कि शिवलिंग के भी कई रूप होते हैं। आप अपनी आवश्यकता के हिसाब से किसी भी तरह के शिवलिंग को चुनकर उसकी पूजा अर्चना कर सकते हैं। मुख्य रूप से शिवलिंग पारद और अंडाकार प्रकार के होते हैं। इसके अलावा स्वयंभू और देव समेत शिवलिंग के कुल 6 रूप और भी होते हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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