Bihar Assembly Elections 2020: battle will be interesting on Kahalgaon assembly seat of Bhagalpur district भागलपुर जिले में कांग्रेस के गढ़ कहलगांव विधानसभा सीट पर रोचक होगी लड़ाई, Bihar-election-2020 Hindi News - Hindustan
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भागलपुर जिले में कांग्रेस के गढ़ कहलगांव विधानसभा सीट पर रोचक होगी लड़ाई

बिहार में कांग्रेस की मजबूत सीटों में से एक कहलगांव विधानसभा सीट पर चुनाव बहुत ही रोचक होने वाला है। यहां से कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह नौवीं बार विधायक हैं। इस बार कांग्रेस विधायक...

Mon, 17 Aug 2020 03:57 PMSunil Abhimanyu भागलपुर, रवीन्द्र नाथ तिवारी,
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भागलपुर जिले में कांग्रेस के गढ़ कहलगांव विधानसभा सीट पर रोचक होगी लड़ाई

बिहार में कांग्रेस की मजबूत सीटों में से एक कहलगांव विधानसभा सीट पर चुनाव बहुत ही रोचक होने वाला है। यहां से कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह नौवीं बार विधायक हैं।

इस बार कांग्रेस विधायक सदानंद सिंह की राह रोकने के लिए एनडीए निर्णायक लड़ाई की तैयारी में है। इस बार उन्होंने अपनी जगह अपने बेटे को लड़ाने की घोषणा कर रखी है। पिछले चुनाव में लोजपा दूसरे नम्बर पर थी। इस बार एनडीए ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है, जो सदानंद को मात दे सके। हालांकि इस बार यह सीट एनडीए के किस दल को जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इस पर अभी मंथन चल रहा है। वर्ष 2010 में यहां जदयू से कहकशां परवीन चुनाव लड़ी थीं और दूसरे नम्बर पर रही थीं।

सामाजिक समीकरण के हिसाब से तलाशे जा रहे उम्मीदवार
सामाजिक व जातीय समीकरण के हिसाब से एनडीए उम्मीदवार की खोज में है। मिली जानकारी के मुताबिक सामाजिक समीकरण के हिसाब से यहां सबसे अधिक मुस्लिम वोटर 20 फीसदी हैं। कुर्मी 12, यादव 10, कोयरी 9 फीसदी वोटर हैं। सवर्णों में राजपूत व ब्राह्मणों की संख्या 8 फीसदी के करीब है।

17 में 13 चुनाव कांग्रेस जीती
1951 में यहां से रामजन्म महतो पहले विधायक बने जो कांग्रेस से थे। 1957 और 1962 के चुनाव में सैयद मकबूल अहमद जीते, जो श्रीकृष्ण सिंह मंत्रिमंडल के प्रमुख मंत्रियों में थे। मगर 1967 में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी के नागेश्वर सिंह ने हरा दिया। अब तक हुए 19 चुनावों में कांग्रेस यहां से 13 बार जीत चुकी है। एक बार कम्युनिस्ट, दो बार जनता दल और एक बार जदयू उम्मीदवार जीते हैं।
 
जनता दल दो, कम्युनिस्ट-जदयू एक-एक बार जीता
सदानंद सिंह वर्ष 1969 में कम्युनिस्ट के नागेश्वर सिंह को हराकर कांग्रेस से विधायक बने थे।  1985 में कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया उसबार वे निर्दलीय लड़े औरचुनाव जीत गए। सदानंद को 1990 और 1995 के चुनाव में जनता दल के महेश मंडल और 2005 में जदयू के अजय मंडल से शिकस्त मिली।
 
एनटीपीसी, विक्रमशिला, आम से जुड़ी पहचान
यह क्षेत्र एनटीपीसी और विक्रमशिला ऐतिहासिक स्थल के लिए भी जाना जाता है। यहां प्रधानमंत्री ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की है। यहां गंगा तट पर बटेश्वर स्थान है, जिसे गुप्त काशी कहा जाता है। कई देशों के सैलानी इन ऐतिहासिक स्थलों पर घुमने आते हैं। लंगड़ा आम, हरी मिर्च की खेती इस इलाके की खास पहचान है। दोनों बांग्लादेश तक जाते हैं।
 
कहलगांव विधानसभा क्षेत्र
कुल तीन प्रखंड, 43 पंचायत
कुल मतदाता-303349
पुरुष-1 43310
महिला-1 60 031
 

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