Asaduddin Owaisi AIMIM Preparing to contest 100 seats in Bihar Spoil Game for Tejaswhi Yadav Rahul Gandhi INDIA Alliance तेजस्वी-राहुल का गेम बिगाड़ेंगे ओवैसी! बिहार में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी; पहले से 5 गुना ज्यादा, Assembly-elections Hindi News - Hindustan
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तेजस्वी-राहुल का गेम बिगाड़ेंगे ओवैसी! बिहार में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी; पहले से 5 गुना ज्यादा

Bihar Vidhan Sabha Chunav: हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने हाल के दिनों में सीमांचल का व्यापक दौरा किया है, जिसे पार्टी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। उन्होंने वहां कई जनसभाएं कीं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनसे नए राजनीतिक समीकरण पर बात की। 

Sat, 11 Oct 2025 04:12 PMMadan Tiwari पीटीआई, पटना
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तेजस्वी-राहुल का गेम बिगाड़ेंगे ओवैसी! बिहार में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी;  पहले से 5 गुना ज्यादा

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और INDIA (महागठबंधन) से इतर एक तीसरे मोर्चे की पहल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की ओर से की जा रही है, जिसकी कमान पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने खुद संभाली है। एआईएमआईएम ने शनिवार को कहा कि वह आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है, जो पिछले चुनावों में लड़ी गई सीटों से पांच गुना ज्यादा है। पार्टी के इस ऐलान के बाद तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन का गेम बिगड़ सकता है। इससे अल्पसंख्यक वोटों में बंटवारा होने की संभावना है। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने दावा किया कि उसका लक्ष्य बिहार में एक 'तीसरा विकल्प' तैयार करना है, जहां वर्षों से राजनीति भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस-राजद गठबंधन के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने हाल के दिनों में सीमांचल का व्यापक दौरा किया है, जिसे पार्टी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। उन्होंने वहां कई जनसभाएं कीं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनसे नए राजनीतिक समीकरण पर बात की। किशनगंज में पत्रकारों से बातचीत में ओवैसी ने कहा था, ‘‘मैं बिहार में कई साथियों से मिलने और नई मित्रता करने के लिए उत्सुक हूं। राज्य की जनता को एक नया विकल्प चाहिए और हम वही बनने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उल्लेखनीय है कि सीमांचल बिहार के पूर्वोत्तर हिस्से को कहा जाता है। इसमें चार जिले कटिहार,किशनगंज, अररिया और पूर्णिया शामिल है। यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल आबादी, गरीबी और विकास की कमी जैसे मुद्दों के कारण लंबे समय से राजनीतिक दलों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।

सीमांचल की पांच सीटों पर मिली थी जीत

एआईएमआईएम ने 2015 में पहली बार बिहार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाई थी। पार्टी ने सीमांचल की छह सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली। हालांकि, किशनगंज के कोचाधामन विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान को करीब 37 हजार वोट मिले थे, जो कुल मतों का लगभग 26 प्रतिशत था। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। इस चुनाव में एआईएमआईएम ने सीमांचल की पांच सीटों - अमौर, बहादुरगंज, बायसी, कोचाधामन और जोकीहाट पर जीत हासिल की थी। विजयी उम्मीदवारों में अमौर से अख्तरुल ईमान, बहादुरगंज से मोहम्मद अंजार नइमी, बायसी से सैयद रुकनुद्दीन, कोचाधामन से इजहार असर्फी और जोकीहाट से शाहनवाज आलम शामिल थे।

हालांकि, 2022 में पार्टी को बड़ा झटका तब लगा जब अख्तरुल ईमान को छोड़कर बाकी चारों विधायक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में शामिल हो गए। 2020 के चुनाव में पार्टी ने 16 मुस्लिम और चार गैर-मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया था। पांच मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। लेकिन, पार्टी के गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों को सफलता नहीं मिली और वोट भी कम मिले। इसमें मनिहारी सीट पर गोरेटी मुर्मू को 2475, बरारी से राकेश रोशन को 6598, फुलवारी शरीफ से कुमारी प्रतिभा को 5019 और रानीगंज से रौशन देवी को मात्र 2412 वोट ही मिले थे।

ओवैसी की राजनीति पर क्या कह रहे एक्सपर्ट्स

राजनीतिक एक्सपर्ट अरुण कुमार पांडे ने बताया, ‘‘असदुद्दीन ओवैसी अब सिर्फ सीमांचल की राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे कई दलों से गठबंधन की बातचीत कर रहे हैं। जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक हैं, वहां महागठबंधन को मुश्किल हो सकती है, जबकि जहां पिछड़ी जातियों की भूमिका अहम है, वहां राजग को चुनौती मिल सकती है।” बिहार में मुसलमानों की आबादी 17.7 प्रतिशत से अधिक है और राज्य की 47 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इनमें 11 सीटों पर मुस्लिम आबादी 40 प्रतिशत से अधिक, सात सीटों पर 30 प्रतिशत से अधिक और 29 सीटों पर 20 से 30 प्रतिशत के बीच है। इसमें से अधिकतर सीट सीमांचल में ही हैं।

100 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना

एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा, “हम बिहार चुनाव में तीसरा विकल्प पेश करने की कोशिश में लगे हैं। हमारी योजना 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की है। हमने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद और महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव को पत्र लिखकर महागठबंधन में एआईएमआईएम के लिए कुछ सीट की मांग की थी, लेकिन उन्होंने कोई रुचि नहीं दिखाई। चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।” उन्होंने कहा कि पार्टी इस बार सामाजिक न्याय और अल्पसंख्यक अधिकारों के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी तथा ‘‘हम राजग और महागठबंधन दोनों को अपनी ताकत दिखाएंगे।’’ बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान छह नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

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